राजस्थान सरकार: पेंशन प्रकरणों के निस्तारण हेतु मार्गदर्शिका (2026)

🗓️ Posted on: 17-03-2026 • ✍️ By Vinay Soni

राजस्थान सरकार ने सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के लिए ‘रिटायरमेंट के दिन ही समस्त लाभ’ सुनिश्चित करने हेतु IFMS 3.0 आधारित नई व्यवस्था लागू की है। अब पेंशन प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस और समयबद्ध होगी, जिससे कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।


📅 1. कर्मचारी (Upcoming Pensioner) के लिए महत्वपूर्ण चरण

कर्मचारियों को अपनी सेवानिवृत्ति से पूर्व निम्नलिखित समय-सीमा (Timeline) का कड़ाई से पालन करना होगा:

समयावधि (Timeline)गतिविधि / उत्तरदायित्व
180 दिन पूर्वकर्मचारी के SSO ID (Employee Self Service) पर पेंशन डेटा का स्वतः प्रदर्शन।
60 दिन पूर्वई-पेंशन सेट (बैंक विवरण, फोटो, नॉमिनेशन आदि) पोर्टल पर सबमिट करना अनिवार्य।
कार्यग्रहण समयप्रपत्र 1 में ग्रेच्युटी हेतु नाम-निर्देशन (Nomination) सुनिश्चित करना।

⚠️ महत्वपूर्ण नोट: यदि 60 दिन पूर्व तक कम्यूटेशन विकल्प नहीं चुना गया, तो सिस्टम स्वतः मान लेगा कि कर्मचारी कम्यूटेशन का लाभ नहीं लेना चाहता। अतः समय पर विकल्प का चुनाव करें।


🏢 2. कार्यालयाध्यक्ष (HO) की जवाबदेही

पेंशन प्रकरण को बिना किसी बाधा के समय पर पूरा करने के लिए कार्यालय स्तर पर ये कदम अनिवार्य हैं:

  • 2 वर्ष पूर्व: पेंशन प्रकरण की प्रारंभिक तैयारी और सेवा पुस्तिका (Service Book) की जांच शुरू करना।
  • 8 माह पूर्व: कर्मचारी से फॉर्म 5 और 5(क) की पूर्तियां करवाना और उनका सत्यापन।
  • रिटायरमेंट माह की 15 तारीख: डिजिटल साइन के साथ ई-पेंशन सेट को ऑनलाइन पेंशन विभाग को फॉरवर्ड करना।
  • ऑटो-रिलिविंग: यदि HO द्वारा नियत समय पर कार्यमुक्त नहीं किया जाता, तो सिस्टम Auto-relieving कर देगा।

⚡ 3. IFMS 3.0: ‘स्मार्ट’ एवं ऑटोमेटेड व्यवस्था

नई व्यवस्था में Deemed Approval की सुविधा दी गई है ताकि फाइल कहीं अटके नहीं:

  1. सिस्टम बेस्ड कंट्रोल: यदि HO या पेंशन विभाग (Zonal Office) निर्धारित 6 कार्य दिवसों में फाइल आगे नहीं बढ़ाते, तो सिस्टम उसे स्वतः ‘OK’ मानकर अगले स्तर पर भेज देगा।
  2. डिजिटल PPO/GPO/CPO: सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशनर अपना आदेश पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। अब डाक द्वारा PPO आने का इंतज़ार नहीं करना होगा।
  3. प्रोविजनल पेंशन: गंभीर विभागीय जांच लंबित होने पर भी नियम 86/90 के तहत तत्काल पेंशन लाभ दिए जाएंगे।

⚖️ 4. विलम्ब होने पर शास्ति (Penalties)

प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करने वाले अधिकारियों पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है:

  • आर्थिक दंड: ₹250 प्रतिदिन (न्यूनतम ₹500) का अर्थदण्ड दोषी अधिकारी पर लगाया जाएगा।
  • ब्याज वसूली: विलम्ब के कारण सरकार द्वारा देय ब्याज की राशि सीधे दोषी अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी।
  • नियम-17: छोटी विभागीय जांचों (Minor Penalties) के आधार पर अब पेंशन नहीं रोकी जा सकेगी।

🔄 5. सेवानिवृत्ति के बाद (Post-Retirement)

पेंशन को निरंतर जारी रखने के लिए ये वार्षिक औपचारिकताएं आवश्यक हैं:

  • वार्षिक सत्यापन: प्रतिवर्ष नवंबर माह में ‘पेंशनर सेल्फ सर्विस’ पोर्टल पर ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करना।
  • विकलांगता लाभ: मानसिक/शारीरिक विकलांगता के मामलों में हर 3 साल में एक बार मेडिकल प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करना अनिवार्य है।

📝 निष्कर्ष: IFMS 3.0 के आने से पेंशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आई है। कर्मचारी अपनी SSO ID के माध्यम से फाइल के प्रत्येक मूवमेंट को ट्रैक कर सकते हैं।

उपयोगी कड़ियाँ: